Saturday, June 28, 2008

रविवार दर रविवार सजने जा रही है श्रोता-बिरादरी-पहला सुर :२९ जून

संभवत: यह पहली बार है कि तीन संगीत-प्रेमी शख़्स किसी एक ब्लॉग पर काम करेंगे। यूनुस ख़ान, सागर नाहर और संजय पटेल किसी एक गीत का इंतेख़ाब कर उस पर एक संयुक्त ब्लॉग लिखेंगे..हफ़्ते में सिर्फ़ एक दिन।
रविवारीय सुबह को सुरीला बनाने आ गई है श्रोता बिरादरी.

अभी तो शुरूआत भर है...बाद में इरादा है कि हर महीने बाक़ायदा किसी थीम को लेकर ब्लॉग-बिरादरी से बतियाएँगे..सुनेंगे...सुनाएंगे.
इरादा इतना भर है कि हम चित्रपट के सुरीलेपन को साझा तो करें ही; आपकी समझ और जानकारी का एहतराम भी करें...सो अच्छा लगा, साधुवाद,शुक्रिया,धन्यवाद,बहुत सुंदर,क्या बात है ..से ऊपर उठकर अपनी सार्थक टिप्पणियों को लिखें.सुने हुए गीत में अपनी अनुभूति को अभिव्यक्त करें...
पूरे एक हफ़्ते वक़्त होगा आपके पास ....तसल्ली से गीत,संगीत गायन या आर्केस्ट्राइज़ेशन पर आप अपनी बात कह सकते हैं।
ये आपकी अपनी बिरादरी है...
ऐसी बिछात पर जिस पर महान गायकों,वादकों,संगीतकारों के कारनामों के सम्मान सुदीर्घ सिलसिला होगा।

आ रहे हैं न.....श्रोता बिरादरी की रसभीनी बिछात पर.. !!

5 टिप्पणियाँ:

aflatoon said...

Intezar mein.

मीत said...

Swaagat hai ....

आशीष कुमार 'अंशु' said...

आइए ना...

महेंद्र मिश्रा said...

Swaagat hai.

Udan Tashtari said...

जरुर आयेंगे. शुभकामनाऐं.

 
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